परिंदों की चिंता

परिंदों की चिंता – त्रैमासिकी “प्रकृति दर्शन” में आलेख पृष्ठ 39-41 परिंदों की चिंता सुनें! प्यासे पक्षियों का रुदन चूं-चूं…

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“स्मृतियाँ” सौरभ द्विवेदी की नज़र से

लेखक कवि श्री सौरभ द्विवेदी द्वारा उपन्यास “स्मृतियाँ” की समीक्षा   गरिमा संजय कृत उपन्यास का नाम स्मृतियां है। एक…

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इंसानों की दुनिया – जानवरों की दुनिया

किसे प्यार करें? इंसानों की दुनिया बाहर निकलती हूँ, तो सड़क पर छोटे-मोटे सामान बेच रहे बच्चों से कुछ न…

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मेरवाना (मारिजुआना) – भाँग-गाँजा

700 किलो मेरवाना (मारिजुआना) – भाँग-गाँजा 700 किलो मेरवाना (या, मारिजुआना?) सोचकर ही मन घबरा जाए! लेकिन कल रात ही…

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“परमाणु – द स्टोरी ऑफ़ पोखरण” – फ़िल्म

परमाणु – द स्टोरी ऑफ़ पोखरण फ़िल्म के विषय में लगातार सुन रही थी। अवसर मिला, तो देखने भी चली…

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‘बिंदास बोल’- भाग 2- कहानी

बिंदास बोल – भाग-2 ‘अन्दर आ सकता हूँ?’ अंकित की आवाज़ सुन करण ने फ़ाइल पर से चेहरा उठाया। आँखों…

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