एक थे राम आधार भैया…

वह राम आधार भैया थे! स्कूल के गेट के ठीक सामने चुरमुरे का खोमचा लगाते थे। छुट्टी होते ही लड़कियों…

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तेज़ाब… (लघुकथा)

अभी एक दिन चित तरंगिणी पत्रिका के फ़ेसबुक पेज पर live आने का अवसर मिला। जहाँ मैंने अपनी एक कहानी…

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