खाप ही खाप

‘हमें भागना ही पड़ेगा, और कोई तरीका नहीं है… नहीं, नहीं ये ठीक नहीं! हम अपने घरवालों को मनाएँगे… कोई…

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भागाकार – विभाजित हम

कितनी ही वारदातों में पड़ोसियों की लड़ाई आसमान तक को हिला देती है… एक ही क्षेत्र में रहने वाले क्यों…

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फ़िल्म पद्मावत

कल पद्मावत देखी। देखनी ही थी! आखिर जिस फ़िल्म के कारण इतनी हिंसा हो रही है, जो फ़िल्म अपने विवादों…

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