चिड़िया का घोंसला

साप्ताहिक कहानी – 15 – 16 अगस्त, 2026

घर में चिड़िया का घोंसला था। घोंसले में दो बच्चे थे। बच्चे चूँ-चूँ करते थे। क्या तुमने उन्हें देखा है?

पहली कक्षा में पढ़ी कहानी की पंक्तियाँ... बालमन पर इतना गहरा प्रभाव छोड़ गईं, कि बालक हर चिड़िया का भरपूर ध्यान रखने को प्रेरित हुआ। नित सुबह शाम छत पर एक सकोरे में चिड़िया के लिए दाने रखकर आता और दूसरे में पानी।

जीव के प्रति नन्हे बालक का प्रेम देखकर माँ का हृदय गर्व से भर आता।

घर की छत पर झूलती डाल पर चिड़िया का घोंसला - AI द्वारा निर्मित

समय बदला। उम्र बदली। शहर बदला। जीवन बदला।

घर बदलकर फ्लैट में सिमट गए। और विस्तृत खुली छत बालकनी में सीमित हो गईं।

चिड़िया और उसके बच्चे? न मालूम कहाँ गए!

अब तो कल्पनाओं में भी न रहे।

प्रदूषण ने चिड़िया का जीवन छीना। चिड़ियों की अनेक प्रजातियाँ लुप्तप्राय हो गईं। जो बचीं, उनके लिए छतें भी तो न रहीं। न रहा वो निश्छल, बालमन।

अब जो बचा है, वो कॉर्पोरेट जीवन की व्यस्त दिनचर्या में फँसा जीवन है – जिसे न चिड़ियों को निहारने का अवकाश मिलता है, न उनकी चहचहाहट सुनाई देती है और न वह सुरक्षित स्थान जहाँ चिड़ियों के जीवन को संरक्षित रख सके, जहाँ उनके लिए दाना-पानी रख सके।

  • गरिमा