दो-ढाई साल की बच्ची के साथ जहाँ इस कदर हैवानियत… कहाँ से आती है इतनी दरिंदगी? और इतनी हिम्मत?
गर्मी बे-इन्तेहा हर तरफ़ सूरज आग उलग रहा है, पारा चालीस से पार है। कहीं बयालीस, कहीं पैंतालीस-अड़तालीस तो कहीं…
घर के आँगन में पत्थर लगने का काम होना था। ठेकेदार से मेरी सारी बातचीत हो चुकी थी। तभी गेट…
कल और आज (लघुकथा) कल – सात-आठ बरस की अंजलि उछलती-फुदकती अपने पापा की ऊँगली पकड़े घर की ओर चली…
राजकुमार (लघुकथा) वो भी तो है एक राजकुमार। अपनी माँ की आँखों का तारा, उसका लाडला, उसका राजकुमार… घर…
Row dot-cluster Shape Decorative svg added to top बर्फ़ के गोले नहीं, ये तो गर्मियों में मिले सेमल के उपहार…
गर्मी की तपती दोपहर। पाउडर-क्रीम, लिपस्टिक, काजल, से भरा भारी सा बैग कंधे पर लटकाए, घर-घर दरवाज़े खटकाती रानी। किसी…
अभिनंदन विंगकमांडर! ‘आज रह-रहकर आँखें फिर से छलकी जाती हैं! ये दुःख के नहीं, बहुत सारी ख़ुशी, और गर्व के…
Row edge-slant Shape Decorative svg added to top Row edge-slant Shape Decorative svg added to bottom सुना है, कल रोज़…
An overwhelming trip to Prayagraj (Allahabad, UP) on the pious occasion of Kumbh, 2019.

