तीसरा उपन्यास, “खट्टे-मीठे से रिश्ते” जून 2019 में प्रकाशित होकर मार्किट में उपलब्ध हो गया है। प्रकाशन के तुरंत बाद…
जागरण सखी के जुलाई अंक में मेरी कहानी… “एक था जंगल… पंचतंत्र से आगे…” विषय है, पर्यावरण संरक्षण इसे मैंने…
हर कहानी के पीछे एक कहानी होती है… जब मैंने 2011 में अपनी अंतिम डाक्यूमेंट्री फ़िल्म (फ़िल्म्स डिवीज़न के लिए…
स्मृतियाँ – वर्ष 2013 – पहला उपन्यास ‘आतंक के साये में’ – वर्ष 2015 – दूसरा उपन्यास के बाद, नवीनतम…
घर के आँगन में पत्थर लगने का काम होना था। ठेकेदार से मेरी सारी बातचीत हो चुकी थी। तभी गेट…
कल और आज (लघुकथा) कल – सात-आठ बरस की अंजलि उछलती-फुदकती अपने पापा की ऊँगली पकड़े घर की ओर चली…
राजकुमार (लघुकथा) वो भी तो है एक राजकुमार। अपनी माँ की आँखों का तारा, उसका लाडला, उसका राजकुमार… घर…
गर्मी की तपती दोपहर। पाउडर-क्रीम, लिपस्टिक, काजल, से भरा भारी सा बैग कंधे पर लटकाए, घर-घर दरवाज़े खटकाती रानी। किसी…
उसकी आँखों में सपनीली सी चमक थी। सखी-सहेलियों के साथ लोहड़ी की धूम मचाकर घर वापस आई थी। घर लौटते…
