राजकुमार (लघुकथा) वो भी तो है एक राजकुमार। अपनी माँ की आँखों का तारा, उसका लाडला, उसका राजकुमार… घर…
गर्मी की तपती दोपहर। पाउडर-क्रीम, लिपस्टिक, काजल, से भरा भारी सा बैग कंधे पर लटकाए, घर-घर दरवाज़े खटकाती रानी। किसी…
उसकी आँखों में सपनीली सी चमक थी। सखी-सहेलियों के साथ लोहड़ी की धूम मचाकर घर वापस आई थी। घर लौटते…
“आतंक के साए में” -उपन्यास (गरिमा संजय) वर्ष – 2015 26/11/2008 आज से ठीक दस साल पहले, मुंबई में जगह-जगह…
laghukatha.com के नवंबर अंक में मेरी भी एक लघुकथा को स्थान मिला… अजात अजात ——- राधा तेज़ी से फ़्रिज…
सम्बन्ध-विच्छेद – कहानी (साहित्य अमृत) Link: http://sahityaamrit.in/upload/files/Nov_%202018%20Final_.pdf
सोलहवाँ जन्मदिन आज स्वाति बहुत खुश थी… उसका सोलहवाँ जन्मदिन जो था! कुछ ख़ास हो या न हो, फिर…
एक था बंटी बचपन की कुछ यादें शरारतों के पुलिंदों में बंधी मिलती हैं। ऐसी ही एक याद है उस…
