माना कि कभी अतीत में जात-पांत के नाम पर तथाकथित सवर्णों ने तथाकथित दलितों पर बहुत अत्याचार किये… कई बार…
स्त्री-पुरुष के बीच समानता का मुद्दा उठते ही ऐसा लगता है जैसे समाज के दोनों पक्ष तलवार लेकर एक-दूसरे पर…
पैसा कमाने की हसरत किसे नहीं होती? सभी चाहते हैं हमारे पास अधिक से अधिक पैसा हो, जिससे हम…
फ़रवरी का महीना आते ही स्कूल-कॉलेज, बाज़ार, पार्क आदि में वैलेंटाइन सप्ताह मनाने की खुशनुमा शुरुआत हो जाती है। एक…
‘हमें भागना ही पड़ेगा, और कोई तरीका नहीं है… नहीं, नहीं ये ठीक नहीं! हम अपने घरवालों को मनाएँगे… कोई…
कितनी ही वारदातों में पड़ोसियों की लड़ाई आसमान तक को हिला देती है… एक ही क्षेत्र में रहने वाले क्यों…
मैं पद्मावती। पता नहीं, मैं थी भी, या नहीं! साहित्य कहता है, मैं वीरांगना थी, जिसने आबरू बचाने के लिए…
